अमित शाह मोदी पर और मोदी भाजपा पर बोझ बने

सुप्रिया रॉय
डेटलाइन इंडिया
नई दिल्ली, 29 जुलाई -  सीबीआई के सामने नरेंद्र मोदी के सबसे खास मंत्रियों में से एक अमित शाह की खामोशी और भूलने का लगातार अभिनय दिल्ली में भाजपा को परेशान कर रहा है। अमित शाह ने पहले ग्यारह सवालों के जवाब में कहा कि उन्हें न तो मालूम है और न याद है कि उनसे क्या पूछा जा रहा है।

भाजपा के एक वरिष्ठ महासचिव ने नरेंद्र मोदी से बात करने के बाद और कानूनी फाइलों का पूरा अध्ययन करने के बाद इस बात पर हैरत जाहिर की है कि अमित शाह जब चारो ओर से घिर चुके थे और सीबीआई के दुरुपयोग के आरोप में प्रधानमंत्री के लंच में जाने या न जाने पर बहस चल रही थी तो नरेंद्र मोदी ने फोन कर के कहा था कि आप लोग मजे में खाना खाओ और जहां तक गुजरात का सवाल है उसे मैं संभाल लूंगा।

प्रतिपक्ष की नेता सुषमा स्वराज का कहना है कि उन्होंने हमेशा की तरह नरेंद्र मोदी के बात पर भरोसा कर लिया था मगर सूत्रों से जो जानकारी मिली हैं उससे तय हो गया कि अमित शाह बुरे फंस चुके हैं और अगर उन्हें नरेंद्र मोदी ने बचाया नहीं तो वे मोदी की पोल भी खोल देंगे। आखिर अमित शाह इतने बडे अादमी कभी नहीं रहे कि नरेंद्र मोदी के कहे बगैर या उन्हें बताए बगैर बड़े बड़े फैसले कर सके।

भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी तक ने कहा है कि कानून मामला जहां तक पहुंच गया है उससे जाहिर है कि कांग्रेस यूनियन कार्बाइड और वारेन एंडरसन के मामले के जवाब में सोहराबुद्दीन और अन्य फर्जी मुठभेड़ों को इस्तेमाल कर सकती है। इसके अलावा भाजपा हमेशा मध्यम वर्ग के वोटों के सहारे रही हैं और अमित शाह के मामले में जिस तरह कानून चल रहा है उसके कारण मध्यम वर्ग और खास तौर पर बुध्दिजीवी मोदी और भाजपा के खिलाफ जा रहे हैं। इसके पहले कर्नाटक के रेड्डी बंधु और भाजपा मुख्यालय में सचिव श्याम जाजू के मामले पार्टी को सता ही रही है।

पहले भाजपा को लगा था कि गुजरात को केंद्र सरकार के खिलाफ प्रतिशोध का बिंदू बना कर उभारने से एक देश व्यापी आंदोलन खड़ा हो सकता है। नरेंद्र मोदी को अच्छे प्रशासक और मुख्यमंत्री के तौर पर पेश कर के मार्केट करने की भाजपा की कोशिश अब धुंधली पड़ती जा रही है। इसीलिए भाजपा ने तय किया है कि अमित शाह से पूछताछ के बाद अगर निष्कर्ष मोदी के खिलाफ निकलते हैं तो मोदी और शाह दोनों से एक सुरक्षित राजनैतिक दूरी बनाए रखी जाए।

गुजरात में जो हो रहा है उससे सबसे ज्यादा प्रसन्न नीतिश कुमार होंगे। वे नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार करने के लिए पहले भी बिहार आने नहीं देना चाहते थे और अब सीबीआई और अमित शाह की बेसुरी जुगलबंदी ने उन्हें फिर से इस बात को दोहराने का मौका दे दिया हैं। अमित शाह की जहां तक बात है तो उनके खिलाफ हजारों पन्नों के सबूत हैं, मुख्य अभियुक्तों के साथ की गई बातचीत के टेलीफोन रिकॉर्ड हैं और उनके बाल सखा और डीएसपी एन के अमीन के पास अमित शाह के खिलाफ तथ्य भी है और सीडी भी है। इसीलिए आश्चर्य नहीं कि अमित शाह लगभग हर बात भूलने लगे हैं।

गुजरात के पूर्व गृहराज्य मंत्री अमित शाह सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर केस में गले तक फंसते जा रहे हैं। उनसे साबरमती जेल में सीबीआई ने बुधवार को साढ़े चार घंटे तक लंबी पूछताछ की। पहले दौर की पूछताछ में उनसे 32 सवाल पूछे गए। जिसमें से 11 सवालों के जवाब में शाह मुझे पता नहीं, मुझे कुछ याद नहीं, मैं जानता नहीं, ही दोहराते रहे। डेटलाइन इंडिया के पास वो 11 सवाल हैं।

डेटलाइन इंडिया को एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है कि अमित शाह किसी भी तरह सीबीआई की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। ज्यादातर सवालों के जवाब में उन्होंने वो यही कह रहे हैं कि मैं नहीं जानता, मुझे नहीं पता। सीबीआई अमित शाह से कैमरे के सामने पूछताछ कर रही है। पूछताछ में अमित शाह सीबीआई के सवालों से बचने की पूरी तरह से कोशिश करते दिखे।

डेटलाइन इंडिया के पास सीबीआई के कुछ सवाल और अमित के जवाब हैं।
सीबीआई- क्या आप सीआईडी के अधिकारियों के संपर्क में थे?
अमित शाह- मुझे पता नहीं।
सीबीआई- आप किन-किन अधिकारियों के संपर्क में थे?
अमित शाह- मुझे याद नहीं।
सीबीआई- आपने सीआईडी अधिकारियों को क्या आदेश दिए थे?
अमित शाह- मुझे याद नहीं।
सीबीआई- क्या सोहराबुद्दीन की हत्या के बाद आपने सीआईडी के अधिकारियों से गांधीनगर सर्किट हाउस में बैठक की थी?
अमित शाह- मैं उस जगह पर नहीं था।
सीबीआई- आपने कौसर बी के बारे में क्या रिपोर्ट तैयार करने को कहा था?
अमित शाह- मैं वहां नहीं था।
सीबीआई- क्या सोहराबुद्दीन के एनकाउंटर की घटना से आप वाकिफ थे?
अमित शाह- मुझे याद नहीं।
सीबीआई- आपको एनकाउंटर की जानकारी कब मिली?
अमित शाह- मुझे याद नहीं।
सीबीआई- एनकाउंटर के पहले और एनकाउंटर के बाद आरोपी अधिकारियों की कॉल डिटेल से ये साफ होता है कि वो लगातार आपके संपर्क में थे। आपकी उनसे क्या बात हुई?
अमित शाह- मुझे पता नहीं।
सीबीआई- आखिर आपने अपने अधिकारियों को क्या आदेश दिए?
अमित शाह- मुझे पता नहीं।
सीबीआई- सीआईडी के पूर्व मुखिया जी सी रायगर को आपने क्यों बदला?
अमित शाह- इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है।
सीबीआई- सोहराब के एनकाउंटर की जांच फाइल आपने कुछ वक्त तक के लिए अपने पास मंगवाई थी। आपने ऐसा क्यों किया?
अमित शाह- मुझे याद नहीं, मैं जानता नहीं।
अमित शाह पर आरोप है कि उन्होंने सोहराबुद्दीन के फर्जी मुठभेड़ की साजिश रची। यही नहीं कौसर बी और तुलसी प्रजापति की हत्या में भी उनका हाथ होने का आरोप है। मोदी के इस पूर्व मंत्री पर साजिश, हत्या, अपहरण, वसूली और सबूत मिटाने जैसे संगीन आरोप हैं।

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Posted By: rahul singh
Location: jaunpur
NDTV aur Dateline....aap k\log kab Modi fobia se ubaroge.Is janm me to nahi lagta.
7/30/2010
Posted By: surendra
Location: allahabad
yee sarey jankaria aap koo cbi ney dee yaa.congresseyoo ney,,,,,,,aagar amit sha walee koi cbi investigation kee cd hoo too krayaa jaroor mai l karey.sadar dhanyawad
7/29/2010
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