आलोक तोमर
डेटलाइन इंडिया
नई दिल्ली, 18 मई- छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में अभी कुछ ही दिन पहले माओवादियों द्वारा लगभग 76 जवानों की हुई मौत से हमारे देश के गृह मंत्री पी चिदंबरम के सारे नियम को ताक पर रख माओवादियों ने जबरदस्त झटका दिया था कि माओवादियों ने फिर से लाल आतंक के झंडे को बुलंद करते हुए जंग का ऐलान कर दिया है और इसका अच्छा खासा प्रमाण कल की घटना है जिनमें लगभग साठ से भी ज्यादा लोगों के मारे जाने की संभावना बताई जा रही हैं।
माओवादियों के इस खतरनाक रवैए से हमारे चिदंबरम साहब काफी आहत है और साथ ही साथ मुख्यमंत्री रमन सिंह की परेशानियां भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। जिस तरह से माओवादियों ने दंतेवाड़ा में बीते डेढ़ महीनों में दो बार लगभग डेढ़ सौ से भी ज्यादा निर्दोष लोगों के जान ले कर उनके खून से अपने लाल आतंक के झंडे को रंगने का प्रयास किया है उससे इस बात का साफ संकेत मिल रहा है कि वह भी अपने आप में बड़ी ताकत है और इसका उदाहरण कल की घटना है।
छत्ताीसगढ़ के दंतेवाडा में माओवादियों के हमले के बाद सूबे के मुख्यमंत्री रमन सिंह का कहना है कि राज्य की हालत काफी गंभीर है। इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री का कहना है कि नक्सल विरोधी नीतियों की समीक्षा की जरूरत है। उन्होंने दंतेवाड़ा में कल हुए हमले के बाद साफ-साफ कहा है कि उनके पास सीमित जनादेश है जिससे वो दुखी हैं। इसका मतलब ये लगाया जा सकता है कि वो चाहकर भी अपनी मर्जी से माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। चिदंबरम का ये भी कहना है कि माओवादियों के समर्थन में काम करने वाले एनजीओ को अब जवाब देना होगा कि आखिरकार निर्दोष लोगों की हत्या क्यों की गई।
माओवादियों ने आज से पांच राज्यों में 48 घंटे के बंद का ऐलान किया है। चिदंबरम का कहना है कि बंगाल, आंध्र प्रदेश, छत्ताीसगढ़ और उड़ीसा के मुख्यमंत्रियों ने माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई में हवाई सहयोग की मांग की है। इस पर गृहमंत्री ने उन मुख्यमंत्रियों को आश्वासन दिया है कि वो इस मामले को कैबिनेट में रखेंगे और प्रधानमंत्री को इससे अवगत कराएंगे।
चिदंबरम का कहना है कि उनके पास जो सीमित जनादेश है उससे वो दुखी हैं। चिदंबरम ने कहा कि माओवादियों सुरक्षा बलों और आम नागरिकों में कोई भेद नहीं करते।
इस बीच बताया जा रहा है कि छत्ताीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह का कहना है कि सूबे में हालत काफी गंभीर है। उन्होंने माओवादियों की बढ़ती ताकत और लगातार हो रहे हमले के बारे में प्रधानमंत्री को अवगत कराया है। अकेले दंतेवाड़ा में एक महीने में तीसरी बड़ी घटना को माओवादियों ने अंजाम दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि रमन सिंह आज दिल्ली आ सकते हैं।