आलोक तोमर
जैसी कि उम्मीद थी ललित मोदी ने इल्जाम लगाने वालों को अभियुक्त बना दिया है। मोदी ने कहा है कि आईपीएल में जो लेन देन और निवेश तथा खर्चे हो रहे थे उसकी पूरी जानकारी बीसीसीआई को थी। इस सिलसिले में उन्होंने कुछ पुराने ई मेल और पत्र भी सार्वजनिक कर दिए हैं। मान लिया कि मोदी अपवाद स्वरूप ही सही, सच बोल रहे हैं मगर यह सच काफी खतरनाक है। सवाल यह है कि मोदी घुमा फिरा कर कह रहे है कि आईपीएल के रंगीन मेले में काफी घपले और घोटाले हुए हैं और इन घोटालों की जांच होगी तो बीसीसीआई के शशांक मनोहर से ले कर राजीव शुक्ला तक फंसेगे। यह पुराना सिध्दांत हैं कि अगर बाजी पलटनी हो तो आरोप लगाने वालों को भी कटघरे में खड़ा कर दो।
शरद पवार और उनकी टीम कोई साधु सन्यासियों की टीम नहीं हैं। राजनीति और कारोबार के बड़े बड़े खिलाड़ी उसमें मौजूद हैं जिनमें से ज्यादातर को बस क्रिकेट खेलना नहीं आता। इसलिए यह कल्पना करना बेकार है कि पूरे देश में जिस आईपीएल की धूम मची हो उसके काले सफेद के बारे में आईपीएल की अभिभावक बीसीसीआई को जानकारी नहीं हो। वे शामिल भले नहीं हो मगर पता उन्हें जरूर था।
मामला इतना बड़ा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपनी एक साल की तथाकथित उपलब्धियां बताते वक्त आईपीएल के बारे में भी बात करनी पड़ी और कहना पड़ा कि वित्त मंत्रालय इसकी जांच कर रहा है। जो प्रधानमंत्री ने नहीं कहा वह हम आपको बताते हैं। भारत सरकार के कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय ने एक सीरियस फ्राड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस - एसएफआईओ है जो अब आईपीएल के भीतर की हरकतों की जांच कर रहा है। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की रिपोर्ट आ चुकी है जिसमें साफ कहा गया है कि आईपीएल की फ्रेंचाइज लेने वाली कंपनियों ने अपने प्रबंधन और निवेश के बारे में पारदर्शिता नहीं बरती।
रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से मंत्रालय ने कहा था कि सारी टीमों के स्वामित्व, प्रबंधन, भुगतान और पिछले तीन साल के खातों की पूरी जांच की जाए। अधिकारी कह रहे हैं कि इस जांच में काफी गड़बड़ी पाई गई हैं। इसीलिए एसएफआईओ ने अब आपराधिक ऑडिटिंग और बाकी जांच की बात कही है।
एसएफआईओ ने जो दस्तावेज कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को दिया है उसमें साफ कहा गया है कि इनकम टैक्स, प्रवर्तन और राजस्व गुप्तचर विभाग को शामिल कर के अब यह पता लगाना पड़ेगा कि आईपीएल की फ्रेंचाइज जिसमें बहुत मुनाफा नहीं होता, में निवेश करने के लिए कहां कहां से पैसा आया था। दरअसल अब सामने आता जा रहा है कि आईपीएल घोटाला सत्यम घोटाले का भी बाप साबित होने वाला है।
रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने अपने पूरे देश के कार्यालयों से प्राप्त जानकारी के आधार पर एक रिपोर्ट बना कर मंत्रालय को सौंप दी हैं और इसमें साफ शब्दों में कहा गया है कि ज्यादातर फ्रेंचाइज निवेश करने वाली कंपनियों के बारे में आधी अधूरी जानकारी देते रहे हैं। इस सिलसिले में शाहरूख खान की कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।
एसएफआईओ कानून के अनुसार उन सभी बड़े आर्थिक अपराधो की जांच कर सकता हेै जिनसे जनहित जुड़ा हुआ हैं। कॉरपोरेट मामलों के मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि अभी तक जो जानकारी मिली है वह सनसनीखेज हैं और अभी उसकी पुष्टि की जा रही है। जाहिर है कि हमें और बड़े खुलासों के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
जांच टैक्स स्वर्ग कहे जाने वाले द्वीपों पर बनी लगभग गुमनाम बैंकों और स्विस बैंक खाताेंं तक जाने वाली है। कम से कम एक स्विस बैंक खाता मिला जिसमें आईपीएल से जुड़े एक व्यक्ति के तीस लाख डॉलर जमा किए हुए पाए गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी देने से इंकार कर दिया कि कहीं ये व्यक्ति ललित मोदी तो नहीं है। मगर प्रवर्तन अधिकारी बीसीआई के बड़े अधिकारियों से भी बात करने वाले है। अभी तक जो पता लगा है उसमें कई फ्रेंचाइजी कंपनियों में नाइजीरिया, मॉरीशस, हांगकांग, वर्जिन आइलैंड, ऑयल ऑफ मैंन तथा जर्सी से घूमा फिरा कर पैसा आया हैं। इस पैसे की स्रोत की जांच की जा रही है। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि अफ्रीकी देशों से पहले स्विस बैंक खातों में पैसा जमा किया गया हो और फिर वह भारत आया हो। अगर ऐसा हुआ है तो यह विदेशी मुद्रा कानून फेमा का उल्लंघन हैं और इसमें शामिल लोगों को बड़ी सजाएं हो सकती है।
कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय फिलहाल तो आईपीएल फ्रेंचाइजी कंपनियों के स्वामित्व की जांच कर रहा है और कम से कम एक कंपनी में पता चला है कि मंत्रालय को कंपनी के जो विवरण दिए गए हैं उसमें उस आदमी का नाम ही नहीं हैं जिसके नाम से कंपनी रजिस्टर हैं और जिसके सबसे ज्यादा शेयर्स है। इसीलिए आईपीएल से मूल नीलामी दस्तावेज मांगे गए हैं।
शाहरूख खान और गौरी खान की रेड चिली कंपनी रघुराम नटरान अय्यर और रंजीत रवींद्रनाथ बड़ठाकुर जयपुर आईपीएल प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं लेकिन कोलकाता नाइट राइडर के मालिक के तौर पर गौरी खान, संजीव चावला और जय मेहता के नाम बताए गए है। शाहरूख खान और जूही चावला भी मालिक हैं मगर उनके नाम छिपा लिए गए हैं। शाहरूख खान भी इस झमेले को ले कर काफी आफत में पड़ सकते हैं। उनकी कंपनी में भी अफ्रीका से पैसा लगा है।