प्रफुल्ल पटेल भी बदलना चाहते है मंत्रालय
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आलोक तोमर
डेटलाइन इण्डिया
नई दिल्ली, 7 जुलाई- यूपीए सरकार में फेरबदल की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। पहले  शरद पवार ने अपना बोझ कम करने का निवेदन किया। अब पार्टी के ही दूसरे मंत्री नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रफुल्ल पटेल अपना मंत्रालय बदलना चाहते हैं। कृषि मंत्री शरद पवार के बोझ हल्का करने के अनुरोध के बाद कृषि को खाद्य व नागरिक उपभोक्ता मंत्रालय से अलग किया जाना लगभग तय है। मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल पर मंथन के क्रम में राष्ट्रीय लोकदल के नेता अजित सिंह को भी शामिल करने पर यूपीए नेतृत्व चर्चा कर रहा है। सूत्रों के अनुसार उत्तरप्रदेश के 2012 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस पुनर्गठन में प्रदेश को तवज्जो देने की गुंजाइश भी तलाशी जा रही है।

फेरबदल को लेकर वैसे तो लंबे समय से सुगबुगाहटें चल रही हैं, मगर पवार की प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद बड़े बदलाव की चर्चाओं को बल मिला है। सवाल यह है कि यदि 9 लोकसभा सांसदों वाली एनसीपी को दो कैबिनेट मंत्री दे दिए गए तो 20 सांसदों वाली डीएमके सिर्फ तीन कैबिनेट मंत्रियों (ए राजा, दयानिधि मारन और एमके अलागिरि) पर कैसे संतुष्ट होगी। फेरबदल की जरूरत इसलिए भी दिख रही है कि कुछ वरिष्ठ कांग्रेसी दूरसंचार मंत्री राजा और पर्यावरण व वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयराम रमेश को हटाने की मांग कर रहे हैं।  यूपीए सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अगले कुछ दिनों में इस बारे में अंतिम फैसला होने की उम्मीद है। कैबिनेट में आने की स्थिति में अजित को कृषि मंत्री बनाया जा सकता है। ऐसे में खाद्य और नागरिक उपभोक्ता मंत्रालय पवार के जिम्मे रहेगा। वैसे, यदि पवार कृषि को तवज्जो देते हैं तो अजित को खाद्य और नागरिक उपभोक्ता मंत्रालय सौंपा जा सकता है।

कथित स्पैक्ट्रम घोटाले को लेकर सरकार की फजीहत कराते आ रहे संचार मंत्री ए राजा से छुटकारा पाने की संभावनाओं को भी नकारा नहीं जा रहा। द्रमुक नेता करुणानिधि बेशक राजा के विभाग में बदलाव के खिलाफ हैं, मगर राजा से प्रधानमंत्री निजात चाहते हैं। तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी भी अपने लिए दो राज्यमंत्री पद की सूची बना चुकी हैं, वहीं बोझ हल्का करने की एवज में शरद पवार अपने भरोसेमंद साथी नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रफुल्ल पटेल को कैबिनेट का दर्जा दिलाने का भरसक प्रयास करेंगे। कांग्रेस भी अपने कोटे से शशि थरूर के इस्तीफे से खाली हुए विदेश राज्यमंत्री की सीट पर नए चेहरे को लाने पर गौर कर रही है। इस फेरबदल में उत्तरप्रदेश से कम से कम एक कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। नेहरू-गांधी परिवार के भरोसेमंद सतीश शर्मा और वरिष्ठ नेता मोहसिना किदवई प्रदेश से नए चेहरों में प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। कोयला राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीप्रकाश जायसवाल भी कैबिनेट ओहदे के दावेदारों में शामिल हैं।

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