PM की नसीहत के बाद स्वामी को याद आई भगवद्गीता

28 जून

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बयानों पर नियंत्रण की नसीहत के बाद राज्यसभा सांसद और भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भगवद्गीता के उपदेशों की राह पकड़ ली है। सुब्रमण्यम स्वामी ने मंगलवार सुबह-सुबह ट्विटर पर श्रीकृष्ण के उपदेश को याद करते हुए 'सुख दुखे...' का जिक्र किया है। यही नहीं, उन्होंने इसके साथ ही दुनिया में संतुलन के सिद्धांत की भी चर्चा की है।

स्वामी ने ट्विटर पर लिखा, 'यह दुनिया एक सामान्य इक्वलिब्रीअम है। पारामीटर में एक छोटा बदलाव भी सभी वेरीअबल्स को प्रभावित करता है। इसलिए श्रीकृष्ण का उपदेश है सुख दुखे...'

उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता के लगातार पार्टी लाइन से इतर बयानबाजी के बाद प्रधानमंत्री ने सोमवार को चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि किसी को भी पार्टी लाइन नहीं तोड़नी चाहिए। यदि कोई पब्लिसिटी के लिए बयान दे रहा है तो ये गलत है। कोई भी पार्टी से बड़ा नहीं हो सकता। यही नहीं, आरबीआई चीफ का पक्ष लेते हुए पीएम ने रघुराम राजन को देशभक्त भी बताया।

स्वामी से नाराज जेटली पीएम से मिलेंगे

स्वामी के बयानबाजी से नाराज वित्त मंत्री अरुण जेटली मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाले हैं। स्वामी ने जेटली पर परोक्ष रूप से कई बार हमला बोला है। स्वामी ने कुछ दिन पहले कहा था कि विदेश दौरे पर मंत्रियों को टाई सूट नहीं पहनना चाहिए। कोट और टाई में वे वेटर लगते हैं। इस दौरान वित्त मंत्री जेटली ही विदेश दौरे पर थे। हालांकि बाद में स्वामी ने कहा था कि वह जेटली के बारे में बात नहीं कर रहे थे।

जेटली पर सीधा हमला कर फंसे सुब्रमण्यम स्वामी को प्रधानमंत्री ने नाम लिए बिना चेतावनी दी है। मोदी ने कहा कि फेमस होने के लिए बयान देना गलत है।

भाजपा ने दी है चुप रहने की सलाह

दूसरी ओर, खबर है कि भाजपा ने सुब्रमण्यम स्वामी को 'चुप रहने' की सलाह दी है। सूत्र बताते हैं कि स्वामी को व्यक्तिगत रूप से नसीहत दी गई है कि वह चुप रहें। स्वामी को अप्रैल के महीने में राज्यसभा के लिए भाजपा द्वारा नामांकित किया गया था। पिछले दिनों बयानबाजी के बाद भाजपा के भीतरखाने विरोध के बाद स्वामी ने ट्वीट किया था कि अगर वह अनुशासित नहीं रहें तो खून-खराबा हो जाएगा।

 

Total votes: 20