निरंजन परिहार
डेटलाइन इंडिया
मुंबई। अजय देवगन और कंगना रानावत की फिल्म ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई’ से विवाद पीछा छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहे।बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म के निर्माता एकता कपूर को नोटिस भेजकर कहा है कि वो मीडिया को प्रेस रिलीज जारी कर बताए कि ये फिल्म हाजी मस्तान की जिंदगी पर नहीं बनी है। एकता कपूर को आज शाम 4 बजे तक प्रेस रिलीज जारी करने का निर्देश दिया गया है। हाजी मस्तान के परिवारवालों ने इस फिल्म पर विरोध जताया था।
गौरतलब है कि एकता कपूर की नई फिल्म 'वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई' 70 के दशक के डॉन हाजी मस्तान के जिंदगी की कहानी है। मस्तान को दाऊद इब्राहीम का गॉडफादर कहा जाता है। जिनका रोल अजय देवगन ने निभाया है। फिल्म उस दौर के मुंबई की कहानी है जब यहां अंडरवर्ल्ड और तस्करी का साम्राज्य था।
फिल्म में एकता ने तस्करी की दुनिया में हाजी मस्तान की एंट्री से लेकर बॉलीवुड में उनकी दखल तक की कहानी है। कहा जा रहा है कि हाजी मस्तान को फिल्म में मधुबाला का आशिक दिखाया गया है। मधुबाला की भूमिका कंगना रानाउत कर रही हैं।
हाजी मस्तान की जिंदगी पर इससे पहले भी फिल्म बनी है। अमिताभ बच्चन की दीवार भी हाजी मस्तान की कहनी से प्रभावित कही जाती है। इस फिल्म में बच्चे के बूटपालिश के सीन पर उस समय भी मस्तान परिवार को ऐतराज था। लेकिन हाजी मस्तान अमिताभ के फैन थे लिहाजा तब मामला सुलट गया था।
मालूम हो कि एकता कपूर ने अब तक कई फिल्में और टीवी सीरियल बनाए है लेकिन शायद उन्हें भी नहीं पता था कि मुंबई की काली दुनिया के बेताज बादशाह रहे हाजी मस्तान के जीवन पर फिल्म बनाना उन्हें इतना मंहगा पड़ सकता है। कुख्यात तस्कर हाजी मस्तान की पत्नी सोना ने कहा है कि कथित तौर पर उनके पति के जीवन पर बनी फिल्म ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई’ अगर रिलीज के पहले उनको नहीं दिखाई गई तो वे अदालत जाएंगी।
उन्होंने कहा कि अगर बालाजी मोशन पिक्चर्स की निर्माता शोभा कपूर और एकता कपूर नें उन्हें समय रहते फिल्म नहीं दिखाई तो वह अदालत का दरवाज़ा खटखटाकर फिल्म का प्रदर्शन रोकने का आग्रह करेंगी। गौरतलब है कि आगामी 30 जुलाई को यह फिल्म देशभर में रिलीज होने वाली है। इसमें अजय देवगन, कंगना रानावत, इमरान हाशमी और प्राची देसाई की मुख्य भूमिकाएं हैं।
सातवें दशक के अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान के जीवन पर कथित रुप से बनी इस फिल्म को लेकर सोना को संदेह है कि इसमें उनकी और पति हाजी मस्तान की जिंदगी को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने पहले भी निर्माता-निर्देशक को खत लिखा था लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।