आलोक तोमर
डेटलाइन इंडिया
नई दिल्ली। कांग्रेसी सांसद मणि शंकर अय्यर ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा है कि खेल पंडाल में कंडोम बांटने वाली 150 मशीनों का क्या काम है। उन्होंने इन मशीनों के लगाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये मशीनें किस लिए लगाई जा रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कॉमनवेल्थ गेम में लोग कौन-सा खेल खेलने आ रहे है?
अय्यर ने कहा कि प्राथमिकता क्या है, एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का खेल का आयोजन करना या बेहतर खेल सुविधाएं मुहैया कराना? यह विकृत प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों को बढ़ाचढ़ा कर पेश करना घिनौना है। भारत में बड़ी संख्या में युवाओं की आबादी होने के बावजूद देश खेल संपन्न राष्ट्र नहीं बन सका है। अगर हम 30,000 करोड़ रुपये राष्ट्रमंडल खेलों पर खर्च करने के बदले बेहतर खेल सुविधाएं मुहैया कराने में लगाए जाते तो भारत पांच वर्षो में चीन की स्थिति में आ सकता था।
अय्यर ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि जहां सरकार को भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के लिए 1,500 करोड़ रुपये का मुआवजा घोषित करने में 25 साल लग गए, वहीं सरकार ने खेल के लिए कलमाडी को झट से 1,620 करोड़ रुपये दे दिए हैं। अय्यर ने खेल गांव और पूरी दिल्ली में 3 से 14 अक्टूबर के आयोजन के लिए कंडोम की मशीनें लगाए जाने की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि मैं इन दिनों हो रही बारिश से बहुत खुश हूं। इसकी पहली वजह यह है कि बारिश खेती के लिए अच्छी है। दूसरी बात यह कि इससे राष्ट्रमंडल खेलों का बेड़ा गर्क हो जाएगा।
यूपीए की पिछली सरकार में मंत्री रहे अय्यर ने कहा कि अगर राष्ट्रमंडल खेल सफल हुए तो ये लोग एशियाई खेल और अन्य दूसरे खेल भी आयोजित करेंगे। इसलिए इस खेल का बेड़ा गर्क हो जाए तो मुझे खुशी होगी।
दूसरी ओर कलमाडी ने अय्यर को राष्ट्रविरोधी करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर अय्यर खेल मंत्री बने रह गए होते तो भारत कभी भी खेल का आयोजन नहीं कर पाता। कलमाडी खुद कांग्रेसी नेता हैं।
कलमाड़ी ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के उद्घाटन के मौके पर कहा कि खेल इसलिए संभव हो पा रहे हैं, क्योंकि एम.एस.गिल खेल मंत्री हैं। वहीं बीजेपी ने कहा है कि वह खेल संबंधी परियोजनाओं के निर्माण कार्य में हो रही देरी के मुद्दे को संसद में उठाएगी।