मयंक सक्सेना
डेटलाइन इंडिया
नई दिल्ली, 27 अक्तूबर- जैसा कि होता आया है, पाकिस्तान एक बार फिर झूठ बोलने की कोशिश कर रहा है और इस बार वह भारत को आतंकवाद का सूत्रधार बताया है। यहां तक कि पाकिस्तान में वहां की सरकार और प्रशासन ही नहीं बल्कि मीडिया और आम जनता तक की यही राय है कि पाकिस्तान में अस्थिरता फैलाने के लिए भारतीय तत्व अफगानिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा और समर्थन दे रहे हैं। लेकिन वह खुद अपने खेमे में झांक कर यह नहीं देखता कि वह आतंकवाद को बढ़ावा ही नहीं दे रहा बल्कि उसके ठौर ठिकानों का भी पूरी तरह से इस्तेमाल करने में मदद कर रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तान आतंकवाद को खत्म करने के बजाए अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहा है और भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन वह कभी सुधरने वाला देश है ही नहीं। पाकिस्तान के सीनेटर मुशाहिद हुसैन के अनुसार भारत आतंकवाद को बढ़ाने के लिए समर्थन दे रहा है लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि भारत नहीं, बल्कि पाक समर्थित आतंकवाद का शिकार है । एक ही दिन पहले पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने भी ऐसे ही विचार व्यक्त किए थे। हुसैन ने कहा भारत इस चाणक्य नीति का पालन कर रहा है कि दुश्मन का दुश्मन मित्र होता है। इससे पहले सोमवार को मलिक ने कहा था कि भारत तालिबान को समर्थन दे रहा है। भारत ने उसी समय कड़े शब्दों में इस आरोप का खंडन किया था। हुसैन पाकिस्तानी सीनेट की विदेशी मामलों से संबध्द समिति के अध्यक्ष हैं। वह यहां आतंकवाद.राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीयश् विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। विचार गोष्ठी का आयोजन जामा मस्जिद यूनाइटेड फोरम ने किया था।