कॉमनवेल्थ खेलों के कई अटपटे सवाल

प्रणय यादव
डेटलाइन इंडिया
नई दिल्ली, 28 जुलाई- मणिशंकर अय्यर जब खेल मंत्री थे तो उनके पूरे कार्यकाल में कुल बारह करोड़ रुपए स्टेडियम की मरम्मत और खेल सम्मानों आदि में खर्च हुए थे। अब अय्यर कॉमनवेल्थ खेलों पर टूट पड़े हैं और ऐसे कम लोग हैं जो अय्यर से सहमत नहीं हैं।

एक अंतर्राष्ट्रीय खेल समारोह की तैयारियां शुरू होने के पहले ही धुल जाए, बड़े अंतर्राष्ट्रीय खेल स्टार यहां आने से मना कर दे, कैटरर तक को बदलना पड़े, खेल गांव की तीन इमारते बारिश में तिरछी हो गई और अब यह सवाल पूछना लाजमी होता है कि आखिर ये खेल हो भी पाएंगे या नहीं और होंगे भी तो कितने सफल होंगे।

कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर अब पूर्व खेल मंत्री मणिशंकर अय्यर ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि बारिश से कॉमनवेल्थ गेम्स का बेड़ा गर्क होगा। पत्रकारों ने जब पूछा कि दिल्ली में बारिश हुई है इसके बारे में क्या कहना है तो अय्यर ने अपनी भड़ास निकाली।
मणिशंकर अय्यर ने कहा कि बारिश से कॉमनवेल्थ खेलों का बेड़ा गर्क होगा और बारिश से अच्छी फसल होगी। अय्यर ने सवाल उठाया कि क्या देश में कॉमनवेल्थ गेम्स रिश्वत देकर लाए गए हैं?

कांग्रेस सांसद अय्यर ने सुरेश कलमाड़ी को आड़े हाथों लिया। उन्होने यहां तक कह डाला कि कॉमनवेल्थ गेम्स की रहनुमाई शैतान करेगा। इसकी देखरेख इंसान के बस की बात नहीं है।
दूसरी ओर कांग्रेस के नेता जगदंबिका पाल से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मतभेद अगर हैं तो पार्टी फोरम में रखा जाना चाहिए न कि सार्वजनिक रूप से ऐसे बयान दिए जाएं।
अभी से ही कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। क्या सचमुच बारिश की वजह से कॉमनवेल्थ गेम्स का बेड़ा गर्क हो जाएगा? हॉकी इंडिया के अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवारी पेश कर चुके पूर्व कप्तान परगट सिंह ने कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी श्रबर स्टैंपश् जैसा हॉकी प्रमुख चाहते हैं।

पिछले कुछ समय से कलमाड़ी पर खुलकर हमले करने वाले परगट ने कहा कि कलमाड़ी भारतीय खेल जगत का गंदा चेहरा हैं। परगट ने साथ ही कहा कि हाल ही में सामने आए यौन उत्पीड़न के मामले पर हॉकी इंडिया गैरजिम्मेदाराना रुख अपना रही है।

परगट ने कहा कि बीते दो वर्षों में सरकार ने हॉकी इंडिया को 13 करोड़ रुपये दिए हैं लेकिन किसी को इस बात का अंदाजा नहीं कि वह रकम कहां खर्च की गई। हॉकी इंडिया में पारदर्शिता का पूर्ण अभाव है। यही नहीं, हॉकी इंडिया ने सरकार के दिशा-निर्देशों की अवहेलना करते हुए एक 83 वर्षीया महिला (विद्या स्टोक्स) को अध्यक्ष पद के लिए नामांकित किया है।

परगट ने कहा कि इन सब घटनाओं के पीछे कलमाड़ी का हाथ है। वह चाहते हैं कि हॉकी इंडिया के अध्यक्ष पद पर कोई ऐसा व्यक्ति बैठे, जिसे वह श्रबर स्टैम्पश् की तरह उपयोग में ला सकें। अगर नरेंद्र बत्रा (महासचिव) का खेमा यह चुनाव जीतता है तो यह संस्था हॉकी इंडिया नहीं बल्कि हॉकी कलमाड़ी कहलाएगी।

परगट ने कहा कि कलमाड़ी ने हॉकी के साथ-साथ भारतीय ओलंपिक आंदोलन को भी पथभ्रष्ट कर दिया है। बकौल परगट, ष्कलमाड़ी भारतीय खेल का गंदा चेहरा हैं। वह ओलंपिक आंदोलन की बात करते हैं लेकिन उन्होंने ही देश में ओलंपिक आंदोलन को रसातल में पहुंचाया है। ऐसे लोगों को खेल का हिस्सा नहीं होना चाहिए।

परगट मानते हैं कि तमाम मुश्किलों से गुजरकर हॉकी एक बार फिर भारत में फलेगी-फूलेगी। उन्होंने कहा कि लोगों के अंदर अभी भी हॉकी के प्रति प्यार है। प्रायोजकों के लिए क्रिकेट महंगा होता जा रहा है, ऐसे में हॉकी के विपणन की भी अपार संभावनाएं बनती जा रही हैं। हॉकी इंडिया का चुनाव 28 जुलाई को होना है और परगट तथा मौजूदा कार्यकारी अध्यक्ष स्टोक्स अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं।

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