तिहाड़ जेल में चल रहे कर्मकांडों की जांच

पंकज शुक्ला
डेटलाइन इंडिया
नई दिल्ली, 28 जुलाई- तिहाड़ जेल में उम्र कैद काट रहे लोगों को बाकायदा सुविधाएं बेची जा रही है। जिनके पास सुविधाएं और साधन है वे यह सुविधाए खरीद रहे हैं और इन सुविधाओं में बीमारी के बहाने मिलने वाली छुट्टी के अलावा नशीले पदार्थ और मोबाइल फोन के उपयोग की सुविधाए भी शामिल है।

इन हरकतों में ज्यादातर वे स्वयं सेवी संगठन शामिल हैं जो कैदियों के बीच उनका मानसिक और शारीरिक कल्याण करने के बहाने आते हैं और उनके अधिकारी और कर्मचारी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के पैसे लेते हैं। इसके अलावा संदेश वाहक का काम करने वाले खाना और दूसरे सामान के अलावा जेल अधिकारियों के कमरे में एकांत मुलाकात भी करवाते हैं। इसके लिए अलग दाम लगते है।

इस पूरे मामले की अब नए सिरे से जांच हो रही है। कई वीआईपी कैदी जैसे मनु शर्मा और विकास यादव तरह तरह के बहानों से लगातार जेल से बाहर रहने के लिए कुख्यात हैं और वैसे भी उनके कई साथी जेल में सिर्फ उनकी सेवा करने के लिए भर्ती है।

नीतीश कटारा हत्याकांड में उम्र कैद की सजा काट रहे विकास और विशाल यादव के लिए तिहाड़ जेल में जिंदगी काफी आसान और मस्त है। विकास यादव को उम्र कैद की सजा काटते हुए तकरीबन दो साल हो चुके हैं।

लेकिन इस सनसनीखेज खुलासे के बाद आप चौंक जाएंगे। 2 साल में 66 दिन विकास यादव ने जेल से बाहर बिताए। उम्र कैद की सजा काट रहा विकास यादव बीमारी के बहाने पिछले दो साल के दौरान करीब 66 बार तिहाड़ जेल से बाहर गया। विकास यादव 30 मई 2008 से 8 फरवरी 2010 के दौरान बार-बार तिहाड़ जेल से बाहर आता रहा।

ये खुलासा एक आरटीआई याचिका के जवाब में हुआ है। याचिका दिल्ली हाईकोर्ट के एक वकील ने दायर की थी। इस वकील ने ये जानकारी मांगी थी कि विकास और विशाल किस-किस दिन जेल से बाहर गए और उन्होंने इसके लिए क्या वजहें बताई थीं।

इन सवालों के जवाब में बताया गया कि विकास यादव को 2009 और 2010 के बीच करीब 66 बार अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया। करीब 15 बार उसको किसी और वजह से बाहर ले जाया गया। इनमें कोर्ट में पेश करने की वजह और उसकी बहन की शादी शामिल है।

आरटीआई के जवाब में दी गई जानकारी से पता चला कि विकास यादव ने दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय, एम्स, मौलाना आजाद डेंटल कॉलेज, तिब्बिया कॉलेज में अपना इलाज कराया। जानकारी के मुताबिक ये सब कोर्ट के आदेश पर हुआ।

इसी आरटीआई याचिका के जवाब में ये भी पता चला कि विकास का भाई विशाल यादव भी अक्सर अस्पताल का चक्कर लगाता रहता है। विशाल को भी दिल्ली के बत्रा अस्पताल में 2009 में दो बार भर्ती कराया गया। वहीं 25 फरवरी 2009 से लेकर 12 दिसंबर 2009 तक वो 19 बार अस्पताल गया। इससे पहले भी विकास यादव के दोस्त मनु शर्मा भी पेरोल के बहाने कई बार जेल से बाहर गया।

जेसिका लाल मर्डर केस के दोषी मनु शर्मा की दास्तान भी बड़ी दिलचस्प है। उम्र कैद की सजा काट रहे मनु कई बार कानून को ठेंगा दिखाकर पेरोल के बहाने जेल से बाहर आया। फिर बड़े मौज से अपनी जिंदगी जीता और दिल्ली सरकार और पुलिस हमेशा की तरह सोती रहती।

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