अंशू सिंह
डेटलाइन इंडिया
नई दिल्ली, 28 जुलाई- टाटा उद्योग समूह, मुकेश अंबानी समूह और ए राजा के नेतृत्व में चल रहे संचार मंत्रालय ने 2008 के जून महीने से 2010 के फरवरी महीने तक कुल 1780 करोड़ रुपए के विज्ञापन जारी किए। इनमें से 800 करोड़ के विज्ञापन नीरा राडिया की वैष्णवी कम्युनिकेशन की पहल पर तैयार किए गए थे और उसी के द्वारा बताए गए मीडिया समूहों को दिए गए थे।
देर से ही सही मगर यह रहस्य अब उजागर किया गया है और संचार मंत्रालय की संसदीय समिति की एक फाइल के जरिए उजागर हुआ है। इस फाइल को प्राथमिकता के आधार पर चर्चा के लिए नहीं रखा गया था मगर जब सीएजी की एक टिप्पणी विज्ञापन खर्चे के मामले में सामने आई तो फाइल भी सामने आ गई।
सिर्फ रतन टाटा की ओर से 220 करोड़ रुपए के विज्ञापन जारी हुए और यह विज्ञापन शुभकामनाओं के तौर पर जारी हुए थे और रतन टाटा की जन्मतिथि को इसमें पुण्यतिथि बता दिया गया था फिर भी भुगतान कर दिया गया। आखिर भुगतान रतन टाटा को श्रध्दांजलि देने के लिए नहीं, दलाली के लिए किया गया था।
अब नीरा राडिया की तलाश की जा रही हैं। आखिरी खबर मिलने तक नीरा राडिया लंदन के पास अपने फॉर्म हाउस पर देखी गई थी। शशि थरूर और सुनंदा पुष्कर के मामले में मीडिया ने जो हंगामा मचाया था उसकी कोई झलक अभी तक मीडिया और टीवी चैनलों में नहीं दिखाई पड़ी है मगर एक मजेदार बात यह हुई है कि नीरा राडिया ने सुनंदा पुष्कर को व्यापारिक साझेदार बनने का प्रस्ताव भेजा हैं।
अभी यह पता नहीं हैं कि सुनंदा पुष्कर और नीरा राडिया के बीच कोई समझौता या व्यापारिक अनुबंध हुआ है या नहीं लेकिन लेकिन शशि थरूर और सुनंदा पुष्कर जीवन साथी बनने जा रहे हैं इसलिए इस मामले को ज्यादा हवा नहीं दी जा रही है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश में दोनों साथ देखे गए और सुना है कि दोनों ने विवाह के लिए अग्रिम आमंत्रण और आवेदन भी दे दिया है। नीरा राडिया इसमें मेहमान होंगी या नहीं यह पता नहीं है।