आलोक तोमर
डेटलाइन इंडिया
नई दिल्ली, 28 जुलाई- पाकिस्तान के राष्ट्रपति रहे और कारगिल के खलनायक परवेज मुशर्रफ अब भारत में शरण चाहते हैं। अमेरिका ने हाल के काफी समय में मुशर्रफ को दुनिया के कई देशों में शरण दिलवाने और उनके खर्चे तक का इंतजाम किया था मगर अब पाकिस्तान की सरकार ने मुशर्रफ का जो डोजियर अमेरिका सरकार को सौंपा हैं उसके बाद अमेरिका का रुख मुशर्रफ के बारे में बदल गया है।
अमेरिका की लॉबी में इस समय दुनिया की ज्यादातर बड़े और ताकतवर देश हैं और मुशर्रफ जानते हैं कि एक बार अगर अमेरिका ने इशारा कर दिया तो उन्हें पाव रखने की जमीन नहीं मिलेगी। मुशर्रफ ने दुबई स्थित एक भारतीय राजनयिक के जरिए इस बात की संभावनाएं तलाश करने की कोशिश की है कि उस भारत में क्या उन्हें शरण मिल सकती हैं जहां उनका जन्म हुआ था।
मुशर्रफ का यह दांव चौकाने वाला जरूर है लेकिन हैरत में डालने वाला नहीं। जब से पाकिस्तान की सरकार उनके हाथ से गई हैं तब से मुशर्रफ अपनी दूसरी संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं। अमेरिका के बारे में उन्हें हमेशा से पता है कि वह तभी तक दोस्ती रखता है जब तक कोई व्यक्ति या संस्था या देश उसके काम आने वाला हो।
आसिफ अली जरदारी की रहस्यमय पोल और घपलों को सार्वजनिक कर के पाकिस्तान सरकार ने ही अमेरिका की पहल पर उनके अधिकार और राष्ट्राध्यक्ष के नाते उनकी हैसियत कम कर दी हैं। तकनीकी तौर पर तीनों सेनाओं के प्रमुख जरदारी अब भी हैं लेकिन सेनाओं को वे सीधे कोई आदेश नहीं दे सकते। उनके आदेश को प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी की पुष्टि की आवश्यकता होगी।
जहां तक मुशर्रफ का सवाल है तो भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी अभी तक यह मान कर चल रहे हैं कि मुशर्रफ सिर्फ विकल्प तलाश कर रहे हैं मगर किसी इस्लामी देश में शरण के लिए उन्होंने व्यवस्था कर ली है। इस मामले में संकट सिर्फ इतना सा है कि पाकिस्तान भी इस्लामी गणतंत्र हैं और अगर मुशर्रफ किसी इस्लामी देश में जा कर बसते हैं तो वहां से उन्हें वापस लाना कठिन नहीं होगा।
मगर भारत में दिक्कत यह है कि कारगिल में भारतीय युद्व बंदियों के साथ और खास तौर पर सौरभ कालिया और उनके साथियों के साथ जो दर्ुव्यवहार किया गया है उसके बदले मुशर्रफ को भारत बुला कर अंतर्राष्ट्रीय अदालत में उन पर युद्व अपराध का मुकदमा चलाया जाए। जाहिर है कि मुशर्रफ का भारत आना भी कम खतरनाक नही होगा। फिर भी राजनयिक लंगर किस ओर पड़ता है यह देखने के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा।