पारंपरिक पहनावा चणिया-चोली या घाघरा-चाेली ही पहली पसंद

04  अक्टूबर

नवरात्रि त्योहार में पूरे भारत में गरबा की धूम मची हुई है। परंपरागत परिधान पहने महिलाएं-पुरूष, युवा व बच्चे सभी गरबा करते दिखाई दे रहे है। शारदीय नवरात्रि में मन सबसे प्रसन्न रहते है। क्योंकि इस दौरान देवी दुर्गा की पूजा के साथ-साथ गरबों के जरिए भक्ति की परंपरा हर कहीं झलकती है और साथ ही दिखाई देती है पारंपरिक परिधानों की वह रौनक, जिसमें हर कोई खोया-खोया नजर आता है।

वैसे तो इन दिनों पारंपरिक में भी इंडो वेस्टर्न का मेल दिखाई देने लगा है, और काफी हद तक लोगों को पंसद भी आ जाता है। युवतियों के लिए तो चणिया चोली या घाघरा चोली एकदम फरफेक्ट है वहीं पुरूष के लिए अब केड़िया के अलावा वर्क वाले कुर्तें-पायजामा पहनना ज्यादा पंसद करने लगे हैँ। पारंपरिक परिधानों और ज्वैलरी से लकदक होने के बावजूद 3 से 4 घंटे युवा वर्ग का गरबों रमे रहना थोड़ा मुश्किल है।

महत्वपूर्ण बातें

-गरबों के दौरान तैयार होने पर अपनी ड्रेस को बेहतर ढंग से पिनअप करना न भूलें। ऐसा नहीं करने पर आपका ध्याना बार-बार ड्रेस की ओर जाएगा। और आप अपने बेस्ट परफार्मेंस पर ध्यान नहीं दे पाएंगी।

- वहीं कपड़े पहने जिन में आप कंफर्टेंबल महसूस करे।

- गरबों के दौरान बालों को खुला रखने के बजाए उन्हे अलग-अलग स्टाइल में बांधने का प्रयास करें। कभी जूड़ा या लंबी चोटी बांधने से न सिर्फ आप पूरी तरह से फ्री रहेंगे बल्कि आपके पारंपरिक परिधान के साथ भी स्टाइल खूब फबेगह।

- वाटरप्रूफ मेकअप का उपयोग करें इससे गरबों के दौरान आए पसीने से आपका मेकअप फैले ना और आप पूरा समय सुंदर दिखाई दें।

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