ग्वालियर :मेडिकल कॉलेज को 15 साल बाद मिला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल

28 जून

ग्वालियर। चम्बल संभाग के सबसे बडे गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) परिसर में आधुनिक सुविधाओं वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की करीब 15 साल बाद आज उसकी पुरानी मांग पूरी हो गई। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्ढा व मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 1000 बेड के इस आधुनिक अस्पताल की बुनियाद रखी ।

डेढ दशक की मांग आज पूरी

जानकारी के अनुसार करीब 15 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस अस्पताल का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। इस प्रस्ताव पर परियोजना तो बनी, लेकिन राजनीति के चलते इसे पंजाब को दे दिया गया।

बाबूलाल गौर मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने GRMC के ट्रॉमा सेंटर की नींव रखते हुए यहां 1000 बिस्तर के इस अस्पताल की घोषणा की थी।मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया, लेकिन शिवराज सिंह मुख्यमंत्री बने तो इस परियोजना की मांग फिर उठने लगी।शिवराज सिंह के कार्यकाल में इस प्रस्ताव को फिर केंद्र की स्वीकृति के लिए भेजा गया। बीते साल इस परियोजना को केंद्र सरकार ने फिर मंजूरी दे दी, और इसके लिए 150 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया।

150 करोड़ की आएगी लागत

सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का शिलान्यास एमएलबी कॉलेज परिसर में दोपहर 1 बजे किया गया ।समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्ढा, केंद्रीय त्री नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्र व महिला एवं बाल विकास मंत्री माया सिंह समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहें।सुपर स्पेशियलिटी कॉम्प्लेक्टस भवन बनने के बाद यहां डायबिटोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, साइकेट्री, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, आर्थोपेडिक, कार्डियोलॉजी, कैंसर सहित अन्य विभाग के मरीजों का इलाज किया जाएगा।1200 बिस्तर के अस्पताल में, 200 बिस्तर का स्पेशल वार्ड सुपरस्पेशियलिटी के लिए बनाया जाएगा।सुपर स्पेशियलिटी कॉम्प्लेक्स में सभी विभागों की ओपीडी रहेगी। जेएएच में संभाग ८ जिलों के अलावा उप्र और राजस्थान के भी कई जिलों के मरीज इलाज के लिए आते है। दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े महानगरों में सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल सेवाओं पर लोगों को मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है।

ये सुविधाएं मिलेंगी

न्यूरोसर्जरी व न्यूरोलॉजी। मेडिसिन में एंडोक्रायनॉलाजी, डायबिटोलॉजी,नेफ्रोलॉजी,अस्थमा, चेस्ट एंड टीबी, कार्डियोलॉजी।सर्जरी के तहत आने वाली पीडियाट्रिक सर्जरी, यूरो सर्जरी, ऑन्कोलॉजी (कैंसर), कार्डियो-थोरेसिक सर्जरी।

अस्थिरोग विभाग के तहत नी, हिप एंड ज्वाइंट सर्जरी।स्किन एंड एलर्जी विभाग के तहत लेजर सर्जरी क्लीनिक सुविधा।

सुपर स्पेशियलिटी ये होंगे लाभ

सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं एक ही भवन में होने से मरीजों को पूरे अस्पताल परिसर में भटकना नहीं पड़ेगा।जांच सुविधाएं भी एक स्थान पर रहेंगी। केवल सीटी-स्केन व एमआरआई को छोड़कर।सुपर स्पेशियलिटी कॉम्प्लेक्स माधव डिस्पेंसरी के पास मुख्य सड़क से जुड़े होने से मरीजों को पहुंचने में कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। कॉम्प्लेक्स के एक ही भवन में ओपीडी, जांचे और पूरा इलाज मिलने से इलाज के भारी खर्च से राहत मिलेगी।

हर विभाग में रहेंगें सुपर स्पेशियलिटी के डॉक्टर

योजना के तहत सुपर स्पेशियलिटी विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी। वहीं जिन सुपर स्पेशियलिटी को संपूर्ण विभाग के रूप में एमसीआई से मान्यता प्राप्त होगी, उनमें आगे पाठयक्रम भी शुरू किए जाएंगे। ऐसा होने से सुपर स्पेशियलिटी की पढ़ाई भी मेडिकल छात्रों को यहां करने का अवसर मिलेगा। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के कई विभागों में सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल सुविधाएं तो हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं हैं।हाल ही में कॉलेज के नेफ्रोलॉजी, साइकेट्री, न्यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर इस्तीफे दे चुके हैं। इन विभागों में चिकित्सा शिक्षा विभाग जल्द ही नियुक्तियां करनी पड़ेंगी।

आरजेएन अपोलों का उदघाटन

ग्वालियर में अपोलों की सुविधाएं

ग्वालियर में आंखो के इलाज में प्रसिदध अस्पताल रतन ज्योति नेत्रालय में अब आपको अपोलों अस्पताल की सुविधाएं मिलेगी । इसकी शुरूआत आज विकास नगर सांई बाबा मंदिर के पास मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिहं चौहान,केन्द्रीय मंत्री जे,पी नडडा और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कर दी है। इस नए अपोलों सेन्टर में मरीजों के लिए एक ही छत के नीचे काार्डिओलोजी, ऑन्कोलोजी,गेस्ट्रोएंटरोलोजी,प्लास्टिक एवं कॉस्मेटिक सर्जरी,डायबिटीज मैनेजमेंट,इंटरनल मेडीसिन,नेफ्रोलोजी,न्यूरोलोजी,पल्मोनोलोजी,फिजियोथेरेपी,डर्मेटॉलाजी, और ऑप्थेल्मोलौजी जैसी कई सुविधाएं मिलेगी।

 

 

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