!! हां.. अब भी होता है वॉर रूम में 'सेंड टेबिल मॉडल'

23  सितम्बर

डॉ. राकेश पाठक

 

प्रधान संपादक, डेटलाइन इंडिया
Twitter logo @DrRakeshPathak7
 

दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वॉर रूम गए थे। वहां सेंड टेबिल मॉडल पर सेना की तैयारियों का जायज़ा लिया।

एक न्यूज़ चैनल ने अपने स्टूडियो में कुछ बेहूदा सा वॉर रूम बना कर खबर दिखाई। खास बात यह है कि सोशल मीडिया पर वॉर रूम में 'सेंड टेबिल' का मखौल उड़ाया जा रहा है...यह कि गूगल के युग में रेत की टेबिल पर कैसी तैयारी...आदि आदि।

लेकिन हक़ीक़त ये है कि भारत ही नहीं अमेरिका तक में इस तरह की सेंड टेबिल पर व्यूह रचना होती है।

हाँ किसी भी देश में न्यूज़ चैनल हमारी तरह वॉर रूम पसार कर दुनिया को नहीं दिखाते।

 

 

* TWET के लिए सेंड टेबल

सेंड टेबिल पर जो अभ्यास होता है उसे 'टैक्टिकल एक्सरसाइज़ विदाउट ट्रूप्स' ( TWET) कहा जाता है..यानि बिना सैन्य टुकड़ी के समरतांत्रिक अभ्यास।

जहाँ भी सैन्य विज्ञान या प्रतिरक्षा अध्ययन पढ़ाया जाता है वहां एक बड़ी सी टेबल होती है जिसमें रेत, मिट्टी भरी होती है। इस पर युद्ध भूमि का मॉडल बनाया जाता है। टैंक,गाड़ियों से लेकर सैनिकों के खिलौने जैसे प्रतिरूप रख कर व्यूह रचना की जाती है।

कॉलेजों और सैन्य अकादमियों के अलावा आज भी सेना के ठिकानों पर इस तरह के मॉडल होते हैं।

इस तरह के सेंड मॉडल टेबिल के अलावा खुले में ज़मीन पर भी बनाये जाते हैं।

 

 

* अमेरिका में अब भी होता है सेंड टेबिल...

वैसे सबसे पहले सन् 1890 में कनाडा के रॉयल मिलिट्री कॉलेज में सेंड टेबिल पर केडेट्स को अभ्यास कराना शुरू किया गया था। प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में लगभग सभी देश सेंड टेबिल पर ही व्यूह रचना बनाते थे।

* 90 के दशक में कुवैत पर इराकी हमले और बाद में ईराक पर युद्ध के लिए अमरीका द्वारा छेड़े गए अभियान 'ऑपरेशन थंडर शील्ड' और 'थंडर स्टॉर्म' के लिए भी बाकायदा सेंड टेबिल मॉडल तैयार कर रणनीति बनायीं गयी थी। बाद में जारी हुए श्वेत पत्र में इन सेंड टेबिल की तस्वीरें भी दर्ज़ हैं।

* सन् 2006 में 'गूगल अर्थ' के ज़रिये पता लगा था कि चीन ने अक्साई चीन में पहाड़ी इलाके में ज़मीन पर एक बड़ा सा सेंड टेबिल मॉडल बना रखा है।

मज़ेदार बात है न...कि गूगल अर्थ,एरियल, सेटेलाइट, डिजिटल इमेज और नक्शों के इस युग में भी परंपरागत सेंड टेबिल पर अभ्यास और व्यूह रचना होती है।

 

 

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